देह त्याग जब कोई चला जाता है - lockdown ke time par kuch line

देह त्याग जब कोई चला जाता है 


बड़ी मजबूरी  है। ... इस वक़्त 
न कोई रूप है..  न है ठिकाना 
कहने को रहता है साथ सारा जमाना। ... 

शहर भी घुमा लोग भी देखे 
मगर मुसीबत में लोगो के तेवर भी देखे 
देह त्याग जब कोई चला जाता है 
तो हर कोई बस उसे राम राम सुनाता है 

समाज की अब क्या हालत बताई जाए 
एक हो तो न समझाई   जाए 
यहाँ लोग मजबूर हुए बैठे है 
कमाया जहाँ। .... जिए सपने हज़ार थे 
वहां खाने की इस जंग में चकना चूर बैठे हुए  है 

अब तो अपना गांव ही भला लगता है 
न कुछ ...कम से कम अपना तो लगता है  


                                                         🔰(अमित तिवारी)🔰




Chaos and hunger amid India coronavirus lockdown | India News | Al ...

Comments

  1. Wahh... Kya lines likhi hai ek dum ghar ki yaad dila di ...🥲

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